Hike in Honorarium up to 58000: बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले कर्मचारियों के लिए अच्छी खबरें आ रही हैं। नीतीश कुमार सरकार ने विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को राहत देने के लिए कई कदम उठाए हैं। स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाया गया है, वहीं शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों के अगस्त माह के वेतन और पेंशन के लिए बड़ी राशि जारी की है। इससे पहले किसान सलाहकारों, आशा कार्यकर्ताओं, ममता कार्यकर्ताओं, शारीरिक शिक्षकों और मिड-डे मील रसोइयों के मानदेय में भी वृद्धि की जा चुकी है।
स्वास्थ्यकर्मियों के लिए मानदेय में बढ़ोतरी

नीतीश सरकार ने स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत कर्मचारियों के लिए मानदेय में बड़ा इजाफा किया है। लैब टेक्नीशियन, एक्स-रे टेक्नीशियन, रेडियोग्राफर, और अन्य कर्मचारियों के मानदेय में 11,000 से 21,000 रुपये तक की वृद्धि की गई है। नई दरें इस प्रकार हैं:
- लैब टेक्नीशियन और एक्स-रे टेक्नीशियन: 37,000 रुपये से बढ़कर 48,000 रुपये
- वरिष्ठ रेडियोग्राफर: 37,000 रुपये से बढ़कर 58,000 रुपये
- जनसंपर्क पदाधिकारी और लाइब्रेरियन: 43,000 रुपये से बढ़कर 58,000 रुपये
- ओटी सहायक: 32,000 रुपये से बढ़कर 48,000 रुपये
- बुनियादी स्वास्थ्य कार्यकर्ता, ड्रेसर, एक्स-रे मैकेनिक: 25,000 रुपये से बढ़कर 32,000 रुपये
- ईसीजी, ईएमजी, होल्टर, डायलेसिस, ईईजी, इको टेक्नीशियन, और फार्मासिस्ट: 37,000 रुपये से बढ़कर 48,000 रुपये
ये नई दरें 1 सितंबर 2025 से लागू होंगी, जिसके बाद अक्टूबर 2025 से कर्मचारियों के खातों में बढ़ी हुई राशि जमा होगी। इस फैसले से लगभग 300 से अधिक कर्मचारी लाभान्वित होंगे।
विश्वविद्यालय कर्मचारियों के लिए वेतन-पेंशन राशि जारी
बिहार के शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालयों, उनके अधीन कॉलेजों, और अल्पसंख्यक व घाटानुदानित कॉलेजों के शिक्षकों व अन्य कर्मचारियों के वेतन और पेंशन के लिए 327.59 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। विश्वविद्यालयों को दी गई राशि इस प्रकार है:
- पटना विश्वविद्यालय: 10 करोड़ 58 लाख रुपये
- मगध विश्वविद्यालय: 14 करोड़ 67 लाख रुपये
- बीआरए बिहार विश्वविद्यालय: 19 करोड़ 75 लाख रुपये
- जेपी विश्वविद्यालय: 13 करोड़ 53 लाख रुपये
- वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय: 7 करोड़ 31 लाख रुपये
- बीएन मंडल विश्वविद्यालय: 7 करोड़ 58 लाख रुपये
- तिलका मांझी विश्वविद्यालय: 11 करोड़ 42 लाख रुपये
- ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय: 18 करोड़ 37 लाख रुपये
- केएसडीएस विश्वविद्यालय: 5 करोड़ 26 लाख रुपये
- मौलाना मजहरूल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय, पटना: 69 लाख रुपये
- पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय: 20 करोड़ 85 लाख रुपये
- पूर्णिया विश्वविद्यालय: 5 करोड़ 23 लाख रुपये
- मुंगेर विश्वविद्यालय: 4 करोड़ 39 लाख रुपये
इस राशि से शिक्षकों और कर्मचारियों को अगस्त माह का वेतन और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन समय पर मिलेगी।
क्यों है यह बढ़ोतरी महत्वपूर्ण?
यह मानदेय वृद्धि और वेतन-पेंशन राशि का समय पर भुगतान कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत है। स्वास्थ्यकर्मियों को बढ़ा हुआ मानदेय उनकी मेहनत का सम्मान करता है और उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करता है। वहीं, विश्वविद्यालय कर्मचारियों के लिए जारी राशि से वेतन और पेंशन की नियमितता सुनिश्चित होगी, जिससे उनका जीवन सुगम होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- स्वास्थ्यकर्मियों का मानदेय कब से बढ़ेगा?
नई दरें 1 सितंबर 2025 से लागू होंगी, और अक्टूबर 2025 से बढ़ी हुई राशि खाते में आएगी। - किन कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाया गया है?
लैब टेक्नीशियन, एक्स-रे टेक्नीशियन, रेडियोग्राफर, ओटी सहायक, फार्मासिस्ट, और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों का मानदेय बढ़ाया गया है। - विश्वविद्यालयों के लिए कितनी राशि जारी की गई है?
शिक्षा विभाग ने 327.59 करोड़ रुपये जारी किए हैं। - किन विश्वविद्यालयों को राशि मिली है?
पटना, मगध, बीआरए बिहार, जेपी, वीर कुंवर सिंह, बीएन मंडल, तिलका मांझी, ललित नारायण मिथिला, केएसडीएस, मौलाना मजहरूल हक, पाटलिपुत्र, पूर्णिया, और मुंगेर विश्वविद्यालयों को राशि दी गई है। - यह वृद्धि किनके लिए है?
स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों और विश्वविद्यालयों के शिक्षकों, कर्मचारियों, और पेंशनभोगियों के लिए।